गोरखपुर हादसा : बच्‍चों की मौत का जिम्‍मेदार कौन? आज आएगी रिपोर्ट

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सरकार की तरफ से कहा गया है कि बच्‍चों की मौत ऑक्‍सीजन की कमी से नहीं हुई है
Medical College) में 30 बच्चों की मौत पर उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना पक्ष रखा है. राज्‍य सरकार की तरफ से कहा गया है कि किसी भी रोगी की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण नहीं हुई है. यह भी कहा गया है कि मीडिया में इसको लेकर भ्रामक खबरें चलाई जा रही हैं. गौरतलब है कि पिछले 36 से 48 घंटों के बीच इन बच्चों की मौत हुई है.

नई दिल्‍ली : गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज (BRD Medical College) में 30 बच्चों की मौत पर उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना पक्ष रखा है. राज्‍य सरकार की तरफ से कहा गया है कि किसी भी रोगी की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण नहीं हुई है. यह भी कहा गया है कि मीडिया में इसको लेकर भ्रामक खबरें चलाई जा रही हैं. गौरतलब है कि पिछले 36 से 48 घंटों के बीच इन बच्चों की मौत हुई है.

शुरुआती खबरों से पता चला है कि यह घटना ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है. जो कंपनी बीआरडी मेडिकल कॉलेज को ऑक्‍सीजन की सप्‍लाई करती है, उसका बिल ब‍काया था और पिछले काफीर दिनों से कंपनी की तरफ से ब‍काया की मांग की जा रही थी. भुगतान न होने के कारण कंपनी ने ऑक्सीजन की सप्लाई बंद कर दी. वहीं राज्‍य के हेल्‍थ मिनिस्‍टर सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि बच्चों की मौत अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है.

सरकार इस बात का पता लगाने के लिए जांच समिति का गठन करेगी कि कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई है. अगर कोई दोषी पाया गया तो उसे जवाबदेह बनाया जाएगा. सात अगस्त से अब तक हुई मौतों का ब्यौरा देते हुए सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस अवधि में 60 बच्चों की विभिन्न रोगों से मृत्यु हुई है. सिंह ने भी कहा कि आक्सीजन की कमी से मौतें नहीं हुई हैं.

इससे पहले जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया था कि गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज (BRD Medical College) में बीते 48 घंटे के दौरान 30 बच्चों की मौत हो गई. उन्होंने हालांकि मौतों की वजह नहीं बतायी थी. उन्होंने बताया कि गुरुवार मध्यरात्रि (11 अगस्त) से अब तक नियो नेटल वार्ड में तीन, एईएस वार्ड में दो और जनरल वार्ड में दो बच्चों की मौत हुई. शेष 23 मौतें नौ अगस्त की मध्यरात्रि से कल यानी दस अगस्त मध्यरात्रि के बीच हुईं.

रौतेला ने बताया कि मौतों की वजह का पता लगाया जा रहा है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि असल वजह जानने के लिए घटना की मजिस्ट्रेट से जांच कराने का आदेश दिया गया है. रिपोर्ट शनिवार (12 अगस्त) शाम तक आने की उम्मीद है. यह घटना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर दौरे के दो दिन बाद घटी है. प्रदेश की बागडोर संभालने के साथ ही योगी चिकित्सा और शिक्षा क्षेत्रों की स्थिति सुधारने पर जोर देते आये हैं.

इस सवाल पर कि क्या ये मौतें ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुईं, रौतेला ने कहा कि उन्हें मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से बताया है कि आक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई. उधर रौतेला ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पड़ोस के संत कबीर नगर जिले से वैकल्पिक व्यवस्था की गयी थी. उन्होंने बताया कि इस समय 50 ऑक्सीजन सिलिण्डर हैं और जल्द ही सौ से डेढ़ सौ और सिलिण्डर पहुंच रहे हैं.

घटना पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है. सरकार की तरफ से जारी बयान के अनुसार बच्‍चों की मौत ऑक्‍सीजन की कमी के कारण नहीं हुई है, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इन मासूमों की मौत का जिम्‍मेदार कौन है. इस घटना के सामने आने के बाद कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद शनिवार को गोरखपुर जाएंगे.

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